मोतियाबिंद के ऑपरेशन कराने वाले को जिला बदर क्यों किया गया?

किच्छा विधानसभा 67 से विधायक पद के प्रबल दावेदार श्रीकांत राठौर को आखिर क्यों किया गया जिला बदर यह बहुत दिलचस्प है ठीक चुनाव से पहले आखिर क्यों प्रशासन सकते में आया और इससे पहले कहां था प्रशासन का अपनी कार्रवाई आपको बता दें अपने विधानसभा में लगभग 3500 मोतियाबिंद का ऑपरेशन फ्री कराने वाले श्रीकांत राठौर आखिर क्यों जिला बदर कर दिए गए हैं यह सवाल नाही किच्छा की जनता के लिए बहुत बड़ा सवाल है अपितु प्रत्येक उस व्यक्ति के लिए भी सवाल है जिसका ऑपरेशन फ्री में श्रीकांत राठौर ने कराया है यह बात बिल्कुल सत्य है कि श्रीकांत राठौर के ऊपर पहले से ही कई मुकदमे चल रहे हैं लेकिन यह जानना दिलचस्प है कि चुनाव के ठीक पहले आखिर प्रशासन के द्वारा यह निर्णय क्यों लिया गया इससे पहले क्यों नहीं श्रीकांत राठौर को जिला बदर किया गया क्योंकि इससे पहले श्रीकांत राठौर कैंप लगाकर मोतियाबिंद का ऑपरेशन प्रत्येक घर घर जाकर आह्वान कर कर करा रहे थे गली गली घूम घूम कर लोगों से मिलना जन संपर्क करना मोदी जी के विचारों का प्रचार प्रसार करना वह अंत में पुनः मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए आह्वान करना कैंप लगाना बस करवाना बरेली के हॉस्पिटल तक भेजना वहां से मुफ्त इलाज करा कर वापस घर की ओर लाना इलाज दवाई रास्ते का खाना पीना सब कुछ तो फ्री करा दिया था श्रीकांत राठौर श्रीकांत राठौर बताते हैं कि उनके खिलाफ साजिश हुई है और यह साजिश वर्तमान में गद्दी पर बैठे हुए लोगों के द्वारा किया जा रहा है अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव में विधानसभा से किसको टिकट मिलता है क्या श्रीकांत राठौर की जनता में लोकप्रियता की वजह से वर्तमान में गद्दी पर बैठे हुए लोग घबरा गए हैं यह सवाल श्रीकांत राठौर का है

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